सोंढूर बांध – जबरा ईको टूरिज्म

सोंढूर बांध – जबरा ईको टूरिज्म के बारे में जानकारी  SONDUR DAM – JABRA ECO TOURISM

सोंढूर बांध छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी तहसील में स्थित है। इसका निर्माण 1988 में सोंदूर नदी पर किया गया था।

बाँध तक सोंदूर नदी का जलग्रहण क्षेत्र 518 KM^2 है। पानी की क्षमता: 179.6 m^3 है।

सोंढूर बांध क्षेत्र को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने तथा पर्यटकों की मांग के आधार पर बोटिंग आदि का काम ग्रामीणों के

समूह द्वारा संचालित करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

आने वाले समय में यह जगह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो जायेगा।

मुचकुंद ऋषि सहित अन्य सप्त ऋषियों की तपोभूमि के आध्यात्मिक महत्व को जनसाधारण तक पहुंचाने तथा उन्हें धार्मिक तथा

प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित कर स्थानीय ग्रामीणों का समूह तैयार करके ग्रामीणों के समूहों को प्रशिक्षित

करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

जबरा ईको टूरिज्म :-

पास में ही नगरी के जबरा ग्राम औषधीय पौधों के लिए अपनी अनूठी प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है।

लंबी पैदल यात्रा, ट्रेकिंग, नेचर ट्रेल वॉक के लिए एक उभरता हुआ पर्यटन स्थल।

जबरा वन क्षेत्र को स्थानीय सहभागिता से पर्यावरण आधारित पर्यटन (ईको-टुरिज्म) क्षेत्र के तौर पर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा। है

सोंढूर बांध - जबरा ईको टूरिज्म | SONDUR DAM - JABRA ECO TOURISM
सोंढूर बांध 
छत्तीसगढ़ राज्य में जबरा ईको टूरिज्म का मॉडल बन गया है।
घने जंगलों में ट्रैकिंग करने के बाद ग्रामीणों के साथ या अंग्रेजों के समय के रेस्ट हाउस में रुका जा सकता है।
जबरा ईको टूरिज्म में 300 से अधिक प्रजाति के वनोषधियां भी हैं।
छत्तीसगढ़ में अब ईको टूरिज्म काफी बढ़ने की अपेक्षा है।

जबरा ग्रामीणों को औषधीय पौधों और उनके उपयोग की एक बड़ी समझ है।

गांव समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों सहित विभिन्न आदिवासी समुदायों का एक समूह है।

समग्र रूप से समुदाय ने जैविक धन का प्रदर्शन करने के लिए पूरी जिम्मेदारी ली है।

कार्रवाई के इस आह्वान ने जबरा के ग्रामीणों को अधिक आत्मविश्वास दिया है और
इसे एक स्थायी-पर्यटन स्थल बनाने की प्रक्रिया में, उनके समग्र रोजगार के आंकड़ों ने उनके सामाजिक-आर्थिक कल्याण में तेजी लाने के लिए सुधार किया है।

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