छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता संग्राहक समाज सुरक्षा योजना 2020| tendupatta sangrahak samaj yojna chhattisgarh 2020| योजना के लाभ एवं पात्रता
छत्तीसगढ़ के वनवासियों द्वारा बीड़ी पत्ता यानी तेंदूपत्ता तोड़ कर इकट्ठा किया जाता है तथा राज्य सरकार द्वारा इसकी खरीदी की जाती है तेन्दु पत्ता संग्रहण से सम्बंधित परिवारों को सशक्त बनाने एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना लाई जा रही है। इस योजना को राज्य के वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा समन्वय से क्रियान्वयन किया जायेगा। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा की याद में इस योजना का नाम ”शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक समाज योजना” रखा गया है।
इस योजना के लाभ निम्न अनुसार है :-
1 . परिवार के मुखिया की आयु 50 वर्ष से कम :-
- तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले पंजीकृत परिवारों को उनके एकमात्र मुखिया की सामान्य मृत्यु () हो जाने पर नॉमिनी को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
- साथ ही किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर, 2 लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिया जायेगा।
- जबकि किसी दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता हो जाने की स्थिति में, 2 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
2 . परिवार के मुखिया की उम्र 50 से 59 वर्ष के बीच :-
- परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार वालों को या नॉमिनी व्यक्ति को 30,000 रुपये की आर्थिक मदद।
- जबकि आकस्मिक मृत्यु के मामले में 75,000 रुपये आर्थिक मदद की जाएगी।
- किसी तरह दुर्घटना में परिवार के मुखिया के स्थायी विकलांगता की स्थिति में 75,000 रुपये और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37,500 रुपये दिए जाएंगे।
इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा। जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक महीने के अंदर प्रकरणों का निराकरण करके आर्थिक सहायता अनुदान की राशि सीधे तेन्दु पत्ता संग्राहक परिवारों के बैंक खातों में प्रदान की जाएगी। जिससे प्रकरणों का निराकरण आसानी से एवं शीघ्रता से किया जा सकेगा।